पुणे | रविवार, 2 नवंबर 2025:
पुणे में लाचलुचपत विरोधी विभाग (ACB) ने एक सनसनीखेज कार्रवाई करते हुए आर्थिक गुन्हे शाखा (Economic Offences Wing) में तैनात पुलिस उपनिरीक्षक (PSI) प्रमोद चिंतामणी को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोप है कि उन्होंने एक केस में मदद के बदले पूरे ₹2 करोड़ की डिमांड की थी।
रिश्वत का सौदा और लालच की हद
सूत्रों के अनुसार, आरोपी PSI चिंतामणी के पास बावधन पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले की जांच थी।
मामले के आरोपी के पिता ने राहत के लिए आवेदन दिया था —
जिस पर कार्रवाई करने के बदले चिंतामणी ने पहले ₹2 लाख मांगे,
लेकिन बाद में “बात बढ़ाते हुए” रक़म सीधी ₹2 करोड़ तक पहुंच गई।
बताया जा रहा है कि आरोपी अधिकारी ने दावा किया कि इस रकम में से ₹1 करोड़ उनके वरिष्ठ अधिकारी तक पहुंचाया जाएगा।
यह सुनकर शिकायतकर्ता ने सीधे एसीबी से संपर्क किया।
एसीबी का जाल और रंगेहाथ गिरफ्तारी
शिकायत की जांच करने के बाद 27 अक्टूबर को एसीबी ने पुष्टि की कि मांग वाजिब नहीं थी।
इसके बाद उन्होंने 2 नवंबर को पुणे के रस्ता पेठ इलाके में जाल बिछाया।
जैसे ही चिंतामणी ने शिकायतकर्ता से ₹46 लाख 50 हज़ार रुपये का पहला हप्ता स्वीकार किया,
एसीबी की टीम ने तुरंत छापा मारकर उन्हें रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
पूरी रकम और उससे जुड़ी सबूत सामग्रियाँ जब्त की गई हैं।
⚖️ पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हलचल मच गई है।
एसीबी अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस प्रकरण में वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे।
सूत्र बताते हैं कि कई और नाम इस जांच में सामने आ सकते हैं।
क्या हुआ था मामला
- गिरफ्तार अधिकारी: PSI प्रमोद चिंतामणी
- विभाग: आर्थिक गुन्हे शाखा, पिंपरी-चिंचवड
- मांग की गई लाच: ₹2 करोड़
- पकड़े जाने की रक्कम: ₹46.5 लाख
- कार्रवाई का स्थान: रस्ता पेठ, पुणे
- तारीख: 2 नवंबर 2025
नतीजा और आगे की दिशा
एसीबी ने चिंतामणी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है।
अब आगे इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी है।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि पुलिस तंत्र के भीतर भी पारदर्शिता की जरूरत कितनी बड़ी है।
Source: Social Media





