बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में अलीनगर सीट से बड़ी जीत दर्ज करते हुए मैथिली ठाकुर ने इतिहास रच दिया है। महज़ 25 वर्ष की उम्र में वह बिहार की सबसे युवा विधायक बन गई हैं। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी राजद के विनोद मिश्रा और जन सूरज पार्टी के विप्लव कुमार चौधरी को पछाड़ते हुए 11,730 वोटों से जीत हासिल की।
Maithili Thakur बनीं बिहार की सबसे कम उम्र MLA
मैथिली की लोकप्रियता राजनीति के मैदान में आने से बहुत पहले ही कैरियर के जरिए स्थापित हो चुकी थी। मधुबनी जिले के एक संगीत परिवार में जन्मीं मैथिली को बचपन से ही लोक संगीत, हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन, हारमोनियम और तबला का प्रशिक्षण मिला। उनके पिता ने उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए परिवार को दिल्ली शिफ्ट किया, जहां दस साल की उम्र से ही वह जागरण और छोटे-बड़े संगीत कार्यक्रमों में मंच संभालने लगीं।
बच्चों के लोकप्रिय रियलिटी शो ‘सारेगामापा लिटिल चैंप्स’ में 11 साल की उम्र में दिखाई देने के बाद वह देशभर के घरों में पहचानी जाने लगीं। 15 साल की उम्र में वे ‘इंडियन आइडल जूनियर’ में पहुंचीं और मात्र 16 साल में ‘आई जीनियस यंग सिंगिंग स्टार’ प्रतियोगिता जीत ली। इसके बाद ‘राइजिंग स्टार’ में वह केवल दो वोटों से रनर-अप रहीं।
सोशल मीडिया ने उनकी पहचान को और मजबूत किया। फेसबुक और यूट्यूब पर पोस्ट किए गए उनके भक्ति और लोकगीतों ने उन्हें घर-घर तक पहुंचा दिया। अपने भाइयों के साथ प्रस्तुतियां करते हुए उन्होंने देश-विदेश में कई मंचों पर बिहार और भारतीय लोकसंगीत का प्रतिनिधित्व किया। 2019 में चुनाव आयोग ने उन्हें मधुबनी का ब्रांड एंबेसडर भी बनाया।
चुनाव जीतने के बाद मैथिली का संदेश
जीत के बाद मैथिली ने सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा,
“आज मैं आपके अपार प्रेम, आशीर्वाद और विश्वास के कारण आपकी प्रतिनिधि नहीं, बल्कि आपकी बेटी बनकर खड़ी हूं। यह जीत मेरी नहीं, अलीनगर के हर घर की जीत है।
मैं भारतीय जनता पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का हृदय से धन्यवाद करती हूं जिनकी मेहनत ने इस अभियान को लोगों तक पहुंचाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी और पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं का आभार।
मेरे अलीनगर के भाइयों-बहनों और बुजुर्गों… आपने मुझे जो जिम्मेदारी दी है, उसका मान रखूंगी। आपके भरोसे को टूटने नहीं दूंगी।
धन्यवाद अलीनगर — आपका प्यार मेरी सबसे बड़ी ताकत है।”
लोगों की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर उनके समर्थक और प्रशंसक उनके इस सफर को प्रेरणा की तरह देख रहे हैं। लोग लिख रहे हैं—
“इंडियन आइडल में चयन न होने से लेकर सबसे युवा MLA बनने तक… क्या शानदार यात्रा है!”
कुछ लोगों ने उन्हें सलाह भी दी,
“बस बिहार की जनता का ध्यान रखिए, बाकी सब पीछे-पीछे आएगा।”
मैथिली के एक पुराने बयान ने भी फिर चर्चा पकड़ ली है, जिसमें उन्होंने फिल्मों में धर्म के गलत चित्रण पर अपनी असहमति जताते हुए कहा था कि वह बॉलीवुड में नहीं गाएंगी और सिर्फ लोक संगीत व सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर फोकस करेंगी। उनके समर्थक इसे उनकी वैचारिक दृढ़ता बता रहे हैं।





