नई दिल्ली, 1 नवंबर 2025
भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट में इस बार का त्योहारी सीजन ऐतिहासिक रहा।
जीएसटी दरों में हाल की राहत, बढ़ती उपभोक्ता मांग और आसान फाइनेंस स्कीम्स ने मिलकर ऐसा जोश भरा कि कार शोरूमों में डिलीवरी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।
टाटा मोटर्स की SUV का दबदबा
इस महीने का सबसे बड़ा सरप्राइज पैकेज रही टाटा मोटर्स, जिसने घरेलू बिक्री में जबरदस्त 27% की छलांग लगाई।
कंपनी ने 61,134 वाहन ग्राहकों तक पहुँचाए — और इनमें से करीब 47,000 SUVs रहीं।
यानी, टाटा की कुल बिक्री में SUV का योगदान 77% तक जा पहुँचा — जो अब तक का नया रिकॉर्ड है।
मारुति की नई ऊँचाई – कॉम्पैक्ट और SUV सेगमेंट चमके
मारुति सुज़ुकी के लिए भी यह महीना बंपर रहा। कंपनी ने अब तक की सबसे ज़्यादा 1.8 लाख गाड़ियों की घरेलू बिक्री दर्ज की।
कॉम्पैक्ट कारों (जैसे बलेनो, डिज़ायर, सेलेरियो) की बिक्री में तेज़ी आई, जबकि SUV मॉडल्स (ब्रेज़ा, ग्रैंड विटारा, एर्टिगा) ने कंपनी को नई ऊँचाई पर पहुँचा दिया।
हालाँकि, छोटी कारों — खासकर ऑल्टो और एस-प्रेसो — की डिमांड 15% घट गई।
किया और टोयोटा की मजबूत एंट्री
त्योहारों के इस मौसम में किया इंडिया ने भी शानदार प्रदर्शन किया।
कंपनी की कुल बिक्री 30% बढ़कर 29,556 यूनिट्स तक पहुँची।
इनमें Sonet SUV ने सबसे बड़ा योगदान दिया — करीब 12,745 गाड़ियों की बिक्री के साथ।
टोयोटा ने भी जोरदार वापसी की है। अक्टूबर 2024 की तुलना में कंपनी की बिक्री 30,845 से बढ़कर 42,892 यूनिट्स हो गई।
SUV बना भारत का नया पसंदीदा व्हीकल
अब यह स्पष्ट है कि भारतीय उपभोक्ता की पहली पसंद अब SUV है।
चाहे वह टाटा की Nexon, किया की Sonet, या मारुति की Brezza क्यों न हो — हर ब्रांड की सफलता की रीढ़ SUV सेगमेंट ही बना हुआ है।
मार्केट एक्सपर्ट की राय
ऑटो इंडस्ट्री के जानकारों के अनुसार,
“जीएसटी दरों में कमी से कार की कीमतें कुछ हज़ार रुपये घटी हैं, जिससे ग्राहक खरीदारी को लेकर और उत्साहित हुए। त्योहारों के दौरान बोनस और ऑफ़र्स ने भी सेल्स को बढ़ावा दिया।”
विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर ब्याज दरें स्थिर रहीं तो नवंबर और दिसंबर में भी बिक्री की यह लहर जारी रह सकती है।
त्योहारों की चकाचौंध, टैक्स में राहत और SUV की दीवानगी — इन तीनों ने मिलकर भारत के कार बाज़ार को नए रिकॉर्ड पर पहुँचा दिया है।
इस बार सिर्फ कारें नहीं बिकीं, बल्कि लोगों की आर्थिक उम्मीदें और आत्मविश्वास भी सड़क पर दौड़ पड़ा।





