trump sanctions on Russia

अमेरिका का रूस पर बड़ा आर्थिक प्रहार, ट्रंप बोले — “अब बातचीत से नहीं, सख्ती से हल निकलेगा”

वॉशिंगटन / ब्रसेल्स | 23 अक्टूबर 2025

यूक्रेन में जारी जंग के बीच अमेरिका और यूरोप ने एक बार फिर रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ा दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को रूस की दो दिग्गज तेल कंपनियों, रॉसनेफ्ट और लुकोइल पर कड़े प्रतिबंधों का ऐलान करते हुए साफ कहा कि पुतिन के साथ उनकी बातचीत अब कहीं नहीं पहुंच रही है।

यूरोपीय संघ ने भी समानांतर रूप से अपनी नई सैंक्शन लिस्ट जारी की, जिसमें रूस की ऊर्जा आय को कम करने के लिए कई कदम शामिल हैं। यह कदम ऐसे समय उठाए गए हैं जब यूक्रेन पर रूसी हमलों ने एक बार फिर निर्दोष नागरिकों की जान ली है।

“हर बातचीत अधूरी रह जाती है”: ट्रंप की नाराज़गी

व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्होंने कई बार पुतिन से शांति के रास्ते पर चर्चा की,

“हर बार बातें ठीक होती हैं, लेकिन फिर सब रुक जाता है। अब हमें कुछ ठोस करना होगा।”

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका रूस की ऊर्जा अर्थव्यवस्था पर सीधा वार कर रहा है,
क्योंकि वहीं से “इस युद्ध को ईंधन” मिल रहा है।

हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर रूस बातचीत के लिए ईमानदारी से आगे बढ़ता है तो
“प्रतिबंध अस्थायी हो सकते हैं।”

नाटो प्रमुख मार्क रुटे, जो इस दौरान ट्रंप के साथ मौजूद थे, ने कहा —

“अगर पश्चिम का दबाव कायम रहा, तो पुतिन को आखिरकार बातचीत की मेज पर आना ही पड़ेगा।”

अमेरिका का सबसे बड़ा एनर्जी सैंक्शन

ट्रंप प्रशासन के इस नए फैसले के तहत रॉसनेफ्ट और लुकोइल की
अमेरिका में मौजूद सभी संपत्तियां फ्रीज़ कर दी गई हैं,
और अमेरिकी कंपनियों को इन दोनों से किसी भी प्रकार का व्यापार करने से मना कर दिया गया है।

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा —

“पुतिन की जिद के कारण हजारों लोगों की जान जा चुकी है। अब रूस की तेल कंपनियों से आने वाले पैसों को रोकना ज़रूरी है।”

बेसेंट ने आगे बताया कि यह अमेरिका की “सबसे बड़ी एनर्जी सैंक्शन कार्रवाई” है,
जो अब तक रूस पर लागू की गई किसी भी पाबंदी से कहीं ज्यादा व्यापक है।

यूरोप की ओर से भी दोहरी मार

अमेरिका के बाद यूरोप ने भी रूस पर 19वां सैंक्शन पैकेज घोषित किया।
इसमें शामिल है —

2027 की शुरुआत से रूसी LNG (Liquefied Natural Gas) पर पूर्ण प्रतिबंध

रूस की “शैडो फ्लीट” के 100 से अधिक पुराने ऑयल टैंकरों की ब्लैकलिस्टिंग

और उन राजनयिकों पर यात्रा नियंत्रण, जिन पर जासूसी के शक हैं

EU के प्रवक्ता ने कहा,

“हम रूस की ऊर्जा से जुड़ी आमदनी को लगातार घटाते रहेंगे,
ताकि उसकी युद्ध मशीन कमजोर पड़े।”

यह पैकेज औपचारिक रूप से कल लागू किया जाएगा,
जिससे पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ब्रसेल्स में
EU नेताओं के साथ शिखर बैठक में शामिल होंगे।

युद्ध का दर्द — बमों के बीच एक और रात

रूस ने यूक्रेन के कई शहरों में फिर से ड्रोन और मिसाइल हमले किए।
कीव और खार्किव में रातभर धमाकों की आवाज़ें गूंजती रहीं।
यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, कम से कम सात लोगों की मौत हुई,
जिनमें दो छोटे बच्चे भी शामिल हैं।

कीव की एक निवासी मरियाना गोरचेंको ने बताया —

“रातभर शीशे टूटते रहे, धमाकों की गूंज से घर हिल गया। बस दुआ थी कि हम बच जाएं।”

खार्किव में एक किंडरगार्टन भी निशाना बना।
वहां मौजूद एक माँ ने कहा —

“मैंने सबको पीछे धकेल दिया और अपने बच्चे की तलाश में दौड़ पड़ी।
शुक्र है, बच्चे सुरक्षित हैं, लेकिन डर अभी भी बना हुआ है।”

पुतिन की चुप्पी, लेकिन दरवाज़ा खुला रखा गया

क्रेमलिन की ओर से प्रतिबंधों की घोषणा से पहले कहा गया था कि
“वार्ता की संभावनाएं खत्म नहीं हुई हैं।”
रूसी प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा,

“न तो राष्ट्रपति ट्रंप और न ही पुतिन किसी बेनतीजा मीटिंग में वक्त बर्बाद करना चाहते हैं।”

हालांकि अमेरिकी पक्ष का मानना है कि पुतिन “ईमानदारी से” आगे नहीं आ रहे,
और यही वजह है कि बातचीत फिर से टलती जा रही है।

यूक्रेन के लिए नए हथियार और उम्मीद

इसी बीच, राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने स्वीडन के साथ एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं,
जिसके तहत यूक्रेन को 150 ग्रिपेन फाइटर जेट्स मिलेंगे।
विश्लेषकों के मुताबिक, यह कदम रूस पर हवाई दबाव बढ़ाने की दिशा में अहम साबित होगा।

निष्कर्ष: बातचीत या टकराव?

अमेरिका और यूरोप का यह संयुक्त कदम अब एक स्पष्ट संकेत देता है —
अगर पुतिन पीछे नहीं हटते, तो रूस को ऊर्जा बाज़ार से अलग-थलग किया जाएगा।

ट्रंप के शब्दों में “यह युद्ध अब बातचीत से नहीं,
बल्कि दबाव और नतीजों से तय होगा।”

जबकि यूक्रेन के लोग अब भी मलबे और भय के बीच खड़े होकर
बस यही सवाल पूछ रहे हैं,

“क्या कभी इस युद्ध की सुबह सच में शांति लेकर आएगी?”

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