किंग्स्टन (जमैका), 28 अक्टूबर 2025:
दक्षिण अमेरिकी कैरेबियन क्षेत्र में बना हैरिकेन मेलिसा अब जमैका की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है। सोमवार को पूरे देश में तेज़ हवाओं और लगातार बारिश के कारण जनजीवन ठप हो गया।
मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह तूफान कैटेगरी-5 स्तर का है ,यानी सबसे अधिक तबाही मचाने वाला होगा।
जमैका प्रधानमंत्री का बयान – “इस स्तर का तूफान पहले कभी नहीं देखा”
जमैका के प्रधानमंत्री एंड्रयू होलनेस ने कहा है कि मेलिसा अब तक का सबसे बड़ा प्राकृतिक जमैका देश पर संकट बन सकता है।
उन्होंने लोगों से बार-बार अपील की कि वे अपने घरों से निकलकर सुरक्षित इलाकों में चले जाएँ।
आगे और भी प्रधानमंत्री ने कहा की “इस स्तर की हवाओं और बारिश को कोई भी संरचना झेल नहीं सकती। लोगों को अपनी सुरक्षा खुद तय करनी होगी।”
कई लोग घर छोड़ने को तैयार नहीं
सरकार की चेतावनी के बावजूद कई लोग अपने घरों में ही टिके हुए हैं।
पोर्ट रॉयल इलाके के निवासी सिल्वेस्टर एलन ने कहा,
“हम कही नहीं जाएंगे, सब कुछ यहाँ है ये सब गया तोह हमारा सब ख़तम, इसको छोड़के नहीं जा सकते”
उसी इलाके की क्रिस्टन लारा, जो मछली पकड़ने का काम करती हैं, बोलीं,
“मैंने तय कर लिया है, चाहे जो हो जाए, मैं अपना घर नहीं छोड़ूँगी।”
मेलिसा की धीमी चाल लेकिन भारी नुकसान का खतरा
अमेरिकी नेशनल हरिकेन सेंटर (NHC) के मुताबिक, मेलिसा की हवा की रफ्तार करीब 175 मील प्रति घंटा (280 किलोमीटर) तक पहुँच चुकी है।
हालाँकि इसकी गति बहुत धीमी, करीब 3 मील प्रति घंटा है।
धीमी गति का मतलब है कि यह तूफान इ जगह से दूसरी जगह धीमे धीमे बढ़ता है जिससे एक ही जगह लंबे समय तक बरसात और तेज़ हवाएँ लाता रहेगा, जिससे नुकसान और बढ़ेगा।
विशेषज्ञों ने इसे 2017 के ‘हरिकेन मारिया’ और 2005 के ‘कैटरीना’ जैसे विनाशकारी तूफानों की श्रेणी में बताया है।
मेलिसा की तबाही – हैती और डोमिनिकन रिपब्लिक
जमैका से पहले हैती और डोमिनिकन रिपब्लिक इस मेलिसा तूफान की चपेट में आ चुके हैं।
दोनों देशों में अब तक कम से कम चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
भारी बारिश के कारण भूस्खलन और सड़कें टूटने जैसी घटनाएँ दर्ज की गई हैं।
मेलिसा के कारन भूस्खलन, बाढ़ और तेज लहरों का खतरा
NHC ने चेतावनी दी है कि जमैका में अगले 24 घंटे बेहद गंभीर हो सकते हैं।
कई इलाकों में 40 इंच (करीब एक मीटर) तक बारिश हो सकती है।
दक्षिणी तटीय हिस्सों में समुद्री लहरें 13 फीट तक ऊँची उठने का अनुमान है, जिससे तटीय बस्तियों में पानी घुसने की आशंका है।
बिजली, संचार और परिवहन सेवाएँ पहले ही प्रभावित हो चुकी हैं।
ग्रामीण इलाकों में लोग खुद कर रहे हैं इंतजाम
क्यूबा देश में भी अलर्ट जारी
मेलिसा का असर अब क्यूबा की तरफ भी बढ़ रहा है।
वहाँ प्रशासन ने आपातकालीन स्थिति घोषित कर दी है और तटीय इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है।
क्यूबा सरकार की ऒर से प्रधानमंत्री होलनेस ने कहा – हमारे पास अभी भी वक्त है सावधानी बरतने का और सुरक्षित जगह ढूंढने का।
“सरकार ने पहले ही चेतावनी जारी की है। अब फैसला लोगों के हाथ में है — वे सुरक्षा को चुनें या जोखिम उठाएँ।”
अगले कुछ घंटे जमैका के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं।





