डोनाल्ड ट्रंप ने 43 दिन लंबे सरकारी शटडाउन को समाप्त करने वाला विधेयक साइन किया
अमेरिका में इतिहास के सबसे लंबे सरकारी शटडाउन का आखिरकार अंत हो गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को उस विधेयक पर हस्ताक्षर किए जिससे 43 दिनों से ठप पड़े सरकारी कामकाज को फिर से शुरू करने की अनुमति मिल गई। इस फैसले के साथ ही हजारों संघीय कर्मचारियों को एक बार फिर अपनी ड्यूटी पर लौटने की राहत मिली है।
इस शटडाउन ने न केवल प्रशासनिक कार्यों को बाधित किया बल्कि देश की कई आवश्यक सेवाओं पर भी असर डाला था। हवाई यातायात से लेकर खाद्य सहायता योजनाओं तक, कई विभाग संसाधनों की कमी और फंडिंग रुकने से जूझ रहे थे। ट्रंप के इस कदम ने अब इन सभी सेवाओं को फिर से सक्रिय करने का रास्ता खोल दिया है।
यह विधेयक अमेरिकी संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के लिए भेजा गया था। सीनेट में पहले ही इस पर सहमति बन चुकी थी और बुधवार को प्रतिनिधि सभा ने 222–209 वोटों से इसे पारित किया। मतदान के दौरान रिपब्लिकन दल ने ट्रंप का समर्थन किया, जबकि डेमोक्रेट सांसदों ने इसे लेकर कड़ा विरोध जताया।
विपक्षी सांसदों का आरोप है कि इस लंबे गतिरोध ने न केवल देश को आर्थिक नुकसान पहुंचाया बल्कि स्वास्थ्य बीमा सब्सिडी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया। वहीं, राष्ट्रपति ट्रंप ने इस विधेयक को ‘जनता की सुविधा के लिए आवश्यक कदम’ बताया।
विधेयक के अनुसार, अब 30 जनवरी तक संघीय विभागों को अस्थायी फंडिंग मिलेगी जिससे सरकारी गतिविधियाँ पुनः सुचारू रूप से चल सकेंगी। विशेषज्ञों के अनुसार, शटडाउन की वजह से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को हर सप्ताह लगभग 0.1 प्रतिशत GDP का नुकसान हुआ, हालांकि आने वाले महीनों में इसकी भरपाई संभव है।
कांग्रेस में रिपब्लिकन सांसद डेविड श्वेइकर्ट ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, “लगता है जैसे हम किसी सिटकॉम के एपिसोड में जी रहे थे — इतने दिन बीत गए और हमें पता ही नहीं चला कि असली मुद्दा क्या था।” उन्होंने कहा कि यह गतिरोध 48 घंटे में खत्म होना चाहिए था, लेकिन राजनीतिक हठ ने इसे 43 दिनों तक खींच दिया।
इस फैसले से सबसे ज्यादा राहत उन कर्मचारियों को मिली है जिन्हें इतने लंबे समय तक बिना वेतन के घर बैठना पड़ा था। अब उन्हें न केवल उनकी बकाया सैलरी मिलेगी बल्कि नौकरी की सुरक्षा भी सुनिश्चित की गई है।
ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि सरकार के फिर से शुरू होते ही विमानन सेवाएं, खाद्य सहायता और आर्थिक आंकड़ों से जुड़ी संस्थाएं दोबारा काम करने लगेंगी। बीते डेढ़ महीने से अमेरिकी नागरिक बेरोजगारी दर, उपभोक्ता खर्च और महंगाई के आंकड़ों से वंचित थे क्योंकि इन रिपोर्टों को तैयार करने वाले विभाग बंद थे।
हालांकि, व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि कुछ डेटा अब कभी जारी नहीं किए जा सकेंगे। अक्टूबर महीने की रोजगार और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से जुड़ी रिपोर्टें ‘स्थायी रूप से रद्द’ मानी जा सकती हैं।
आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि यह राजनीतिक गतिरोध आने वाले महीनों में निवेशकों के भरोसे पर असर डाल सकता है। वहीं, आम नागरिकों के लिए राहत की बात यह है कि अब थैंक्सगिविंग और क्रिसमस सीजन के दौरान एयर ट्रैवल और सार्वजनिक सेवाएं सामान्य हो सकेंगी।
डेमोक्रेटिक सांसदों ने कहा कि स्वास्थ्य बीमा सब्सिडी का मुद्दा अभी खत्म नहीं हुआ है। उम्मीद है कि दिसंबर में सीनेट में इस पर फिर से बहस होगी। हालांकि, हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने अपने सदन में इस पर किसी भी तत्काल चर्चा से इनकार कर दिया है।
न्यू जर्सी की सांसद मिकी शेरिल, जो हाल ही में गवर्नर चुनी गई हैं, ने अपने विदाई भाषण में कहा — “यह देश उन नीतियों का हकदार नहीं जो बच्चों से भोजन और गरीबों से स्वास्थ्य सेवा छीन लेती हैं। हमें लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करनी होगी और हार नहीं माननी चाहिए।”
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस शटडाउन से किसी एक दल को स्पष्ट लाभ नहीं हुआ है। रॉयटर्स–इप्सोस सर्वे के मुताबिक, 50% अमेरिकियों ने इसके लिए रिपब्लिकन पार्टी को जिम्मेदार ठहराया जबकि 47% ने डेमोक्रेट्स को दोषी माना।
प्रतिनिधि सभा ने कामकाज दोबारा शुरू करते हुए जेफ्री एप्सटीन केस से जुड़े दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी है। यह मामला लंबे समय से अमेरिकी राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।
विधेयक में एक प्रावधान यह भी जोड़ा गया है कि 6 जनवरी 2021 के कैपिटल हिल हमले की जांच के दौरान जिन आठ रिपब्लिकन सीनेटरों की निजता का उल्लंघन हुआ, वे अब सरकार से मुआवज़ा मांग सकते हैं। उन्हें 5 लाख डॉलर तक के नुकसान की भरपाई का अधिकार मिलेगा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यह विधेयक “जनता की सुविधा और देश की स्थिरता” के लिए आवश्यक था। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब सरकार अपनी प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित करेगी और नागरिकों की सुरक्षा व विकास के कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाएगी।
इस तरह, अमेरिका का यह रिकॉर्ड तोड़ 43 दिन का शटडाउन अब इतिहास बन गया है — लेकिन इसके पीछे छिपे राजनीतिक सबक आने वाले चुनावों में निश्चित रूप से असर छोड़ेंगे।





