मार्क्स & स्पेंसर साइबर अटैक

मार्क्स & स्पेंसर साइबर अटैक को लेकर विवाद: TCS का बयान – “हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं”

नई दिल्ली | 28 अक्टूबर 2025
ब्रिटेन की रिटेल कंपनी मार्क्स एंड स्पेंसर (M&S) और भारत की आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) के बीच करार को लेकर चर्चा तेज है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि M&S ने हाल ही में हुए साइबर हमले के बाद TCS के साथ अपना कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया। लेकिन अब TCS ने आधिकारिक बयान देकर इस खबर को झूठा बताया है।

TCS कंपनी ने कहा गलत खबर फैलाई जा रही है

TCS ने एक बयान जारी कर कहा कि कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं।
कंपनी ने बताया कि जो सर्विस डेस्क कॉन्ट्रैक्ट था, वह अप्रैल में हुए साइबर हमले से काफी पहले ही समाप्त हो चुका था।
यह फैसला जनवरी 2025 में हुई एक सामान्य टेंडर प्रक्रिया (RFP) के बाद लिया गया था, जिसमें M&S ने किसी दूसरे सेवा प्रदाता को चुना था।

कंपनी ने यह भी कहा कि सर्विस डेस्क वाला प्रोजेक्ट उनके और M&S के पूरे कारोबार का बहुत छोटा हिस्सा था।
TCS ने साफ किया कि वह अब भी M&S के साथ कई अन्य तकनीकी प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है।

‘द टेलीग्राफ’ अखबार की रिपोर्ट पर TCS की प्रतिक्रिया

ब्रिटिश अखबार ‘द टेलीग्राफ’ ने 26 अक्टूबर को छपी अपनी रिपोर्ट में लिखा था कि M&S ने £300 मिलियन के साइबर हमले के बाद TCS को बाहर का रास्ता दिखाया।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए TCS ने कहा,

“रिपोर्ट में जो जानकारी दी गई है, वह तथ्यात्मक रूप से गलत है। कॉन्ट्रैक्ट की रकम, समय और सेवा की प्रकृति को लेकर गलत दावे किए गए हैं।”

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि TCS – M&S को साइबर सिक्योरिटी सर्विस नहीं देता, यह जिम्मेदारी किसी और फर्म की है।

TCS कम्पनी ने खुद के सिस्टम की जांच कर बताया कि उसने अपने नेटवर्क और सिस्टम की जांच की है और कोई कमजोरी नहीं मिली।
कंपनी के मुताबिक, उनके सिस्टम से साइबर अटैक की शुरुआत नहीं हुई थी।
उन्होंने कहा

“हम केवल कुछ तकनीकी सेवाएं प्रदान करते हैं, साइबर सुरक्षा हमारी भूमिका में शामिल नहीं है।”

मार्क्स & स्पेंसर साइबर अटैक – बड़ा साइबर हमला

अप्रैल 2025 में M&S पर बड़ा रैनसमवेयर हमला हुआ था।
इस हमले से कंपनी की वेबसाइट और स्टोर्स दोनों की सेवाएं प्रभावित हुईं।
ग्राहकों को “क्लिक एंड कलेक्ट” और कार्ड पेमेंट जैसी सुविधाओं में दिक्कत आई।
कंपनी को अपना ऑनलाइन प्लेटफॉर्म दोबारा शुरू करने में करीब डेढ़ महीना (46 दिन) लग गया।

इस हमले से कंपनी को करीब £300 मिलियन (लगभग ₹3,200 करोड़) का नुकसान हुआ बताया गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘DragonForce’ नाम के हैकर्स ग्रुप ने कंपनी का डेटा एन्क्रिप्ट कर फिरौती मांगी थी।

M&S CEO को मिला था हैकर्स का ईमेल

जून में सामने आई जानकारी के मुताबिक, M&S के CEO स्टुअर्ट मचिन को हैकर्स ने एक ईमेल भेजा था, जो कंपनी के ही एक कर्मचारी के अकाउंट से आया था।
इस ईमेल में लिखा था कि कंपनी के सर्वर लॉक कर दिए गए हैं और डेटा के बदले पैसे मांगे जा रहे हैं।

TCS और M&S की साझेदारी जारी

TCS ने कहा कि यह विवाद साइबर हमले से जुड़ा नहीं है और M&S के साथ उनका व्यापारिक रिश्ता आगे भी जारी रहेगा।
कंपनी ने कहा,

“हम M&S के पुराने तकनीकी साझेदार हैं और भविष्य में भी उनके डिजिटल प्रोजेक्ट्स में सहयोग जारी रहेगा।”

साइबर हमले के बाद उठे तमाम सवालों पर TCS ने साफ कहा है कि उनका उस घटना से कोई संबंध नहीं है।
कॉन्ट्रैक्ट पहले ही खत्म हो चुका था और दोनों कंपनियां आगे भी साथ काम करती रहेंगी।

Hindinewser

Hindi Newser Desk

हिंदी न्यूज़र, हिंदी और अंतरराष्ट्रीय न्यूज़ का एक समर्पित समूह है। टीम राजनीति, व्यवसाय और मार्केट, टेक्नोलॉजी, मनोरंजन, खेल, विज्ञान, पर्यावरण और वैश्विक खबरों पर ताज़ा और विश्वसनीय जानकारी पाठकों को प्रदान करती है। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, भरोसेमंद और पठनीय न्यूज़ पहुँचाना है।

west indies vs bangladesh t20

बांग्लादेश को 16 रनों से हराया – शाई होप और पावेल की शानदार पारियां

Hurricane Melissa

जमैका पर मंडराया मेलिसा तूफान का कहर, अब तक का सबसे भयंकर चक्रवात बन सकता है

Gallery

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31