बुसान, दक्षिण कोरिया: 30 अक्टूबर 2025
ट्रम्प-शी जिनपिंग मुलाकात: दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका और चीन के बीच जारी व्यापार युद्ध को कम करने की दिशा में गुरुवार को दोनों देशों की ओर से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की दक्षिण कोरिया के बुसान में हुई यह मुलाकात लगभग छह साल बाद पहली आमने-सामने की बातचीत थी।
इस बैठक में दोनों नेताओं ने आपसी आर्थिक तनाव को कम करने और स्थिरता बहाल करने पर सहमति जताई।
चीन अमेरिका व्यापार युद्ध पर लगी ‘ब्रेक’, हुआ अहम समझौता
करीब 1 घंटे 40 मिनट बुसान में चली इस बातचीत के बाद ट्रम्प ने इसे “बेहद सफल बैठक” बताया।
उन्होंने कहा, “यह शानदार मीटिंग रही, शी जिनपिंग एक ताकतवर देश के बेहतरीन नेता हैं।”
ट्रम्प ने यह भी घोषणा की कि वे अगले साल यानी अप्रैल 2026 में चीन की यात्रा पर जाएंगे।
बैठक में तय हुआ कि अमेरिका कुछ टैरिफ (आयात शुल्क) घटाएगा और इसके बदले चीन दुर्लभ धातुओं (Rare Earths) की वैश्विक सप्लाई सुनिश्चित करेगा।
यही वे धातुएं हैं जो मोबाइल, चिप और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री के लिए बेहद अहम हैं।
चीन खरीदेगा अमेरिकी कृषि उत्पाद
ट्रम्प ने बताया कि चीन ने तुरंत “सोयाबीन और अन्य कृषि उत्पादों की भारी खरीद” पर सहमति जताई है।
यह समझौता अमेरिकी किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है, जो लंबे समय से व्यापार युद्ध से प्रभावित थे।
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने भी पुष्टि की कि वह अगले एक वर्ष तक कुछ निर्यात प्रतिबंधों को निलंबित रखेगा, जिसमें Rare Earths मटेरियल भी शामिल हैं।
रेयर अर्थ्स और तकनीकी नियंत्रण पर नई रूपरेखा पर काम करेंगे दोनों देश
बैठक में दोनों पक्षों ने एक एक-वर्षीय बढ़ाए जा सकने वाले समझौते पर सहमति जताई, जिसके तहत चीन जरूरी धातुओं की सप्लाई बनाए रखेगा।
ट्रम्प ने कहा — “Rare Earths पर अब समझौता हो गया है, और यह पूरी दुनिया के लिए सकारात्मक खबर है।”
शी जिनपिंग ने इसे “महत्वपूर्ण सहमति” बताते हुए कहा कि “अब आगे के कदम जल्द उठाए जाएंगे ताकि औपचारिक समझौता हो सके।”
ट्रम्प-शी जिनपिंग मुलाकात – फेंटानिल पर भी चर्चा
ट्रम्प ने बताया कि शी ने घातक ड्रग फेंटानिल की तस्करी रोकने पर “कड़ी कार्रवाई” का भरोसा दिया है।
ट्रम्प बोले, “मैंने चीन पर फेंटानिल के कारण 20% टैरिफ लगाया था… अब उनके आश्वासन के बाद मैं इसे 10% कम कर रहा हूं।”
‘साझेदार और मित्र’ के रूप में काम करने की अपील
बैठक शुरू होने से पहले शी जिनपिंग ने कहा, “चीन और अमेरिका हमेशा हर मुद्दे पर एकमत नहीं होते, लेकिन हमें साझेदार और मित्र बनकर आगे बढ़ना चाहिए।
दोनों देश मिलकर दुनिया के लिए ठोस और बड़े कार्य कर सकते हैं।”
बैठक में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री मार्को रूबियो, वित्त प्रमुख स्कॉट बेसेंट और वाणिज्य मंत्री हावर्ड लटनिक शामिल थे।
वहीं चीन की ओर से विदेश मंत्री वांग यी, वाणिज्य मंत्री वांग वेंटाओ और उप-प्रधानमंत्री हे लिफेंग मौजूद रहे।
एशिया दौरे का समापन, जापान ने दी ट्रम्प को ‘क्राउन’
यह बैठक एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) सम्मेलन के दौरान हुई, जिसमें जापान, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा सहित 21 देशों के नेता मौजूद थे।
ट्रम्प का यह एशिया दौरा काफी चर्चा में रहा — उन्हें कोरिया का सुनहरा मुकुट (गोल्डन क्राउन) भेंट किया गया और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने तो उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने की घोषणा भी की।
हालाँकि, ट्रम्प की उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन से मुलाकात की उम्मीद इस बार पूरी नहीं हो पाई।
ट्रम्प ने कहा कि वे “निकट भविष्य में” किम से मिलेंगे और कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव “सुधारने” की दिशा में काम करेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया — “ताइवान पर कोई चर्चा नहीं हुई। वह मुद्दा बैठक में नहीं आया।”
ट्रम्प और शी जिनपिंग की यह मुलाकात 2025 के सबसे बड़े वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रमों में गिनी जा रही है।
दोनों नेताओं का यह कदम व्यापार युद्ध को शांत करने और वैश्विक आर्थिक स्थिरता लाने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।





