एआई इंसानों की जगह नहीं

एआई इंसानों की जगह नहीं, उनकी क्षमता बढ़ाने आया है

नई दिल्ली | 13 अक्टूबर 2025
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को लेकर अक्सर ये डर जताया जाता है कि आने वाले समय में मशीनें इंसानों की नौकरियां छीन लेंगी। लेकिन Google Cloud के सीईओ थॉमस कुरियन का कहना है कि एआई का मकसद इंसानों को बदलना नहीं, बल्कि उनकी क्षमताओं को कई गुना बढ़ाना है।

उन्होंने कहा कि गूगल की एआई तकनीक इस तरह बनाई गई है कि यह लोगों का काम आसान बनाती है, दोहराए जाने वाले कार्यों को खुद संभाल लेती है, और कर्मचारियों को रचनात्मक कामों पर फोकस करने की आज़ादी देती है।

“एआई से किसी की नौकरी नहीं गई, बल्कि काम आसान हुआ है”

कुरियन ने Big Technology नामक टेक न्यूज़लेटर को दिए इंटरव्यू में बताया कि गूगल की Customer Engagement Suite, जो एआई-आधारित कस्टमर सर्विस टूल है, ने ग्राहकों की चिंताएं दूर कर दी हैं।
उन्होंने कहा — “हमारे किसी भी क्लाइंट ने एआई आने के बाद कर्मचारियों को नहीं निकाला। एआई उन छोटे-छोटे कामों को कर देता है जिन पर पहले ध्यान ही नहीं दिया जाता था।”

कुरियन के मुताबिक, यह तकनीक अब उन बेसिक ग्राहक सवालों को संभाल लेती है, जिन्हें पहले एजेंट्स तक पहुंचाना जरूरी नहीं समझा जाता था। “असल में एक संतुलन बन गया है — एआई काम की गुणवत्ता बढ़ा रहा है, लेकिन इंसानों की जरूरत खत्म नहीं कर रहा।”

सुंदर पिचाई भी बोले — “एआई से इंजीनियरों की उत्पादकता बढ़ी”

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने भी हाल ही में Lex Fridman Podcast पर कहा था कि एआई टूल्स ने कंपनी के इंजीनियरों की उत्पादकता लगभग 10% तक बढ़ा दी है।
उन्होंने बताया कि कंपनी यह आंकड़ा इस आधार पर मापती है कि एआई की मदद से इंजीनियरों के पास अब “अतिरिक्त काम करने के घंटे” मिलते हैं।

पिचाई ने साफ किया कि एआई के आने से गूगल कर्मचारियों की संख्या नहीं घटा रहा, बल्कि नई भर्तियां करने की योजना बना रहा है। “हमारे काम का दायरा बढ़ रहा है। दोहराए जाने वाले कार्य अब एआई संभाल लेता है, जिससे हमारी टीम इनोवेशन और नए प्रोजेक्ट्स पर ध्यान दे पाती है,” उन्होंने कहा।

कंपनियों में एआई से विकास की रफ्तार तेज

पिचाई ने खुलासा किया कि गूगल का लगभग 30% नया कोड अब एआई द्वारा जेनरेट किया जा रहा है, जो पिछले साल के 25% से ज्यादा है।
इसी तरह, Microsoft UK के सीईओ डैरेन हार्डमैन ने भी बताया कि GitHub Copilot की मदद से कंपनी अब अपने 40% कोड को एआई से तैयार करती है — जिससे पिछले तीन सालों की तुलना में अधिक प्रोडक्ट्स एक ही साल में लॉन्च किए गए हैं।

एआई: साथी, दुश्मन नहीं

थॉमस कुरियन ने कहा कि लोगों को एआई से डरने की जरूरत नहीं है। “यह इंसान की जगह लेने नहीं आया, बल्कि उसकी क्षमताओं को बढ़ाने आया है,” उन्होंने कहा।

उनका यह संदेश उन टेक प्रोफेशनल्स के लिए राहत लेकर आया है, जो एआई ऑटोमेशन के कारण नौकरियों के भविष्य को लेकर चिंतित थे। गूगल का मानना है कि आने वाला दौर ऐसा होगा, जहां इंसान और मशीन साथ मिलकर अधिक रचनात्मक, तेज और कुशल काम करेंगे।

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