पुणे, 1 नवंबर 2025: मुंबई के पवई इलाके में 17 बच्चों को बंधक बनाने वाले रोहित आर्य का आज शनिवार तड़के पुणे के वैकुंठ स्मशानभूमि में अंतिम संस्कार कर दिया गया। जेजे अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार देर रात शव को पुणे लाया गया था। तड़के करीब ढाई बजे पुलिस की सख्त सुरक्षा में अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
परिवार के सिर्फ 5 सदस्य पहुंचे
एनकाउंटर के बाद लगभग 24 घंटे तक उसके परिवार का कोई अता-पता नहीं था। पुलिस और मीडिया के लगातार संपर्क करने के बावजूद कोई आगे नहीं आया था। हालांकि, अंतिम संस्कार के समय उसकी पत्नी, बेटा, बहनोई और दो अन्य रिश्तेदार – कुल पाँच लोग मौजूद थे। माहौल पूरी तरह शांत रहा और अंतिम संस्कार सादगी से किया गया।
बंधक कांड का वीडियो और आर्य के आरोप
रोहित आर्य ने बच्चों को बंधक बनाने के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उसने खुद इस घटना की जिम्मेदारी ली थी। वीडियो में उसने दावा किया था कि सरकार ने उसे 2 करोड़ रुपये से अधिक की रकम का भुगतान नहीं किया, जिसके कारण उसने यह कदम उठाया।
उसने कहा था कि वह सरकार के कुछ लोगों से बात करना चाहता है और उसकी मांगें सुनी जाएं।
पुलिस कार्रवाई और सवाल
घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई और सरकार की भूमिका पर कई सवाल उठे। इस पूरी घटना को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई। लोगों ने प्रशासन की तैयारी, बातचीत की प्रक्रिया और एनकाउंटर की परिस्थितियों को लेकर अपनी राय रखी।
अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद रिश्तेदारों ने मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कोई बयान नहीं दिया और चुपचाप अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की।
Rohit Arya Encounter – जांच जारी
पवई स्टूडियो में हुई इस घटना के बाद पुलिस विभाग ने आंतरिक जांच शुरू की है। जेजे अस्पताल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।
वहीं, सामाजिक संस्थाओं और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि ऐसे मामलों में संवाद और परामर्श की व्यवस्था को और मजबूत किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।





