सातारा ज़िले में सरकारी अस्पताल में काम करने वाली महिला डॉक्टर की आत्महत्या के मामले में अब नया मोड़ आया है। पुलिस ने पुणे के सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रशांत बनकर को इस केस में गिरफ्तार किया है। बनकर का कहना है कि डॉक्टर ही उस पर शादी करने का दबाव बना रही थी और बार-बार उसे परेशान करती थी।
पुलिस के मुताबिक डॉक्टर ने मरने से पहले अपने हाथ पर कुछ बातें लिखीं और एक नोट में दो लोगों के नाम बताए। उन्हीं में से एक नाम प्रशांत बनकर का भी था। दूसरा आरोपी पहले ही आत्मसमर्पण कर चुका है। उसके बाद पुलिस ने बनकर को हिरासत में लिया।
बनकर के घरवालों ने कहा कि डॉक्टर ही बार-बार फ़ोन करती थी, उनका बेटा नहीं। परिवार ने कहा कि सारे फ़ोन रिकॉर्ड और सोशल मीडिया की बातें पुलिस को दे दी गई हैं।
बनकर की बहन ने बताया कि कुछ समय पहले उसका भाई डेंगू से ठीक होने के लिए फलटण आया था। वहीं डॉक्टर ने उसका इलाज किया। इलाज के दौरान दोनों में जान-पहचान हुई। करीब पंद्रह दिन पहले डॉक्टर ने शादी की बात कही, पर बनकर ने मना कर दिया। इसके बाद डॉक्टर उदास रहने लगी।
डॉक्टर के परिवार का कहना है कि बेटी को काम के दौरान भी दबाव झेलना पड़ता था। एक रिश्तेदार ने बताया कि अस्पताल में कुछ लोग उस पर रिपोर्ट बदलने का दबाव डालते थे। डॉक्टर ने कई बार शिकायत की, पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
घरवाले अब आरोपी को सज़ा-ए-मौत देने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी बेटी को इंसाफ़ मिलना चाहिए। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह बहुत गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि एक युवा डॉक्टर ने अपने हाथ पर सुसाइड नोट लिखा और जान दे दी। सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कुछ पुलिस कर्मियों जैसे की PSI गोपाल बदाणे को निलंबित किया है। दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा।
सातारा के पुलिस अधीक्षक तुषार दोशी ने बताया कि अदालत ने प्रशांत बांकर को 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजा है। पुलिस को दोनों के बीच हुई बातचीत और कॉल रिकॉर्ड मिले हैं, जिनमें तनाव और झगड़े की बातें सामने आई हैं।
अब तक की बातें
अभियुक्त प्रशांत बनकर का कहना है डॉक्टर ही उसे शादी के लिए दबाव डालती थी।डॉक्टर के परिवार ने कहा कि उसे काम में भी परेशान किया जाता था।
PSI गोपाल बदाणे को निलंबित किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी को छोड़ा नहीं जाएगा।अभियुक्त 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में है। सातारा से लेकर पूरे महाराष्ट्र में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। एक तरफ परिवार अपनी बेटी के लिए न्याय मांग रहा है, वहीं दूसरी ओर पुलिस की जांच से सबकी नज़रें जुड़ी हैं।
सच्चाई क्या है, यह आने वाले दिनों में साफ़ होगी।





