वॉशिंगटन / 25 अक्टूबर 2025: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एशिया के दौरे पर निकले हैं। इस यात्रा का मकसद है चीन के साथ बढ़े तनाव को कम करना और एशियाई देशों से रिश्ते मजबूत करना।
उनका पहला पड़ाव मलेशिया है, जहां वे आसियान देशों की बैठक में शामिल होंगे। इसके बाद वे जापान और दक्षिण कोरिया जाएंगे।
डोनाल्ड ट्रंप की चीन से बात होगी व्यापार पर
ट्रंप की सबसे अहम मुलाकात चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होगी। दोनों देशों के बीच लंबे समय से ट्रेड वॉर चल रही है।
ट्रंप ने कहा,
“मुझे उम्मीद है कि हमारी बात अच्छे माहौल में होगी। चीन अब समझौते के लिए तैयार है।”
उन्होंने यह भी कहा कि अगर चीन मान नहींता, तो अमेरिका 1 नवंबर से नए टैक्स (टैरिफ) लगा सकता है।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, मलेशिया में दोनों देशों के प्रतिनिधियों की अच्छी बातचीत हुई है और आगे फिर मीटिंग होगी।
ट्रंप और उत्तर कोरिया के किम से मिलने के संकेत
ट्रंप ने बताया कि वे इस यात्रा में उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन से भी मिल सकते हैं।
“हमारे बीच पहले भी अच्छे रिश्ते रहे हैं। अगर मौका मिला तो मुलाकात हो सकती है,”
ट्रंप ने कहा।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वे उत्तर कोरिया को परमाणु देश मानते हैं, तो उन्होंने कहा,
“उनके पास बहुत सारे परमाणु हथियार हैं, यह सब जानते हैं।”
अगर यह मुलाकात होती है तो यह 2019 के बाद पहली बार दोनों नेताओं की मुलाकात होगी।
कतर में हुई डोनाल्ड ट्रंप – अमीर शेख की खास मुलाकात
ट्रंप ने एशिया जाने से पहले कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी से मुलाकात की।
यह मीटिंग दोहा के अल उदैद एयरबेस पर हुई, जहां अमेरिकी सेना तैनात है।
कतर इस समय इज़रायल और हमास के बीच शांति बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभा रहा है।
ट्रंप ने कतर की इस कोशिश की सराहना की और कहा कि यह शांति के लिए जरूरी है।
2025 का मलेशिया में आसियान सम्मेलन
ट्रंप अब मलेशिया में हैं, जहां वे आसियान सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।
अपने पिछले कार्यकाल में उन्होंने यह बैठक कई बार छोड़ी थी।
इस बार संभावना है कि अमेरिका और मलेशिया के बीच नया व्यापार समझौता साइन होगा।
इसके साथ ही ट्रंप थाईलैंड और कंबोडिया के बीच शांति समझौते की भी निगरानी करेंगे।
वहां उनकी मुलाकात ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा से भी हो सकती है, ताकि दोनों देशों के बीच चल रही ठंडक खत्म हो सके।
जापान की नई प्रधानमंत्री से मुलाकात
ट्रंप का अगला पड़ाव जापान होगा। वे वहां नई प्रधानमंत्री साने ताकाइची से मिलेंगे।
ताकाइची जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं और पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की करीबी रही हैं।
ट्रंप ने कहा,
“मैंने उनके बारे में अच्छी बातें सुनी हैं। वो जापान-अमेरिका के रिश्तों को और मजबूत कर सकती हैं।”
ताकाइची ने भी सोशल मीडिया पर लिखा कि उनकी ट्रंप से अच्छी बातचीत हुई और दोनों देश मिलकर नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे।
दक्षिण कोरिया में ट्रंप की सबसे बड़ी मुलाकात
ट्रंप की यात्रा का सबसे अहम पड़ाव दक्षिण कोरिया है।
वे बुसान शहर में एशिया-पैसिफिक इकॉनमिक कोऑपरेशन (APEC) सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
यहां वे दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग से मिलेंगे और अमेरिकी टेक कंपनियों के प्रमुखों के साथ डिनर मीटिंग करेंगे।
लेकिन सबकी नज़र उनकी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ होने वाली मुलाकात पर है।
यह मीटिंग गुरुवार को होगी।
दुनिया भर के बाजार इस बैठक पर नज़र रखे हुए हैं, क्योंकि अगर कोई बड़ा समझौता होता है तो इससे ट्रेड वॉर खत्म हो सकती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस दौरे की रणनीति
ट्रंप के लिए यह यात्रा राजनीतिक और कूटनीतिक दोनों दृष्टि से अहम है।
पहले कार्यकाल में वे कई देशों पर टैक्स बढ़ाकर दबाव बनाते थे, लेकिन अब वे यह दिखाना चाहते हैं कि अमेरिका बातचीत से भी काम निकाल सकता है, इसलिए ये दौरा महत्वपूर्ण मन जा रहा है ।
ट्रंप का कहना है कि वे फेंटानिल ड्रग्स की तस्करी का मुद्दा भी चीन के सामने रखेंगे।
अमेरिका चाहता है कि चीन इस पर सख्त कदम उठाए।
ताइवान-चीन को लेकर अमेरिका का साफ संदेश
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि चीन से व्यापार वार्ता में ताइवान का मुद्दा शामिल नहीं है।
“हम ताइवान से कभी मुंह नहीं मोड़ेंगे,”
उन्होंने कहा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एशिया इस एशियाई दौरे का महत्व
ट्रंप का यह दौरा सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि राजनितिक और अंतर्राष्ट्रीय व्यापर का एक प्रकार से कहे तो मिशन है।
वे एक तरफ व्यापारिक समझौते करने की कोशिश में हैं, तो दूसरी तरफ शांति और सहयोग का संदेश देना चाहते हैं।
अब देखना यह है कि अमेरिकी डोनाल्ड ट्रंप और चीन के शी जिनपिंग की मुलाकात क्या दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव को कम कर पाएगी या नहीं।
अगर सब कुछ ठीक रहा, तो यह यात्रा दुनिया की अर्थव्यवस्था और राजनीति दोनों के लिए बड़ा मोड़ साबित हो सकती है।





