आज का शेयर बाजार अपडेट: निफ्टी और सेंसेक्स में हल्की गिरावट
नई दिल्ली | 6 नवंबर 2025: भारतीय शेयर बाजार में आज का दिन मिला-जुला रहा। निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ही लाल निशान में बंद हुए, जबकि IT और FMCG शेयरों में मामूली बढ़त रही। विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की खरीद ने बाजार की दिशा को प्रभावित किया। निवेशक वैश्विक बाजारों के उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए सतर्क बने रहे।
प्रमुख इंडेक्स की स्थिति
आज निफ्टी 50 25,509.70 अंक पर बंद हुआ, जिसमें 87.95 अंक की गिरावट रही। सेंसेक्स 83,311.01 अंक पर बंद हुआ, जिसमें 148.14 अंक की कमी देखी गई।
निफ्टी बैंक 57,554.25 अंक पर 272.80 अंक गिरा, जबकि निफ्टी IT 35,337.60 अंक पर 63.05 अंक बढ़ा। BSE Smallcap 53,057.27 अंक पर 824.84 अंक घटा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस गिरावट का मुख्य कारण बड़े और मिडकैप शेयरों में बिकवाली रही।
सबसे सक्रिय और प्रमुख शेयर
टॉप गेनर्स
| कंपनी | कीमत (₹) | % बदलाव |
|---|---|---|
| Astral Ltd | 1,566.10 | +6.74% |
| Asian Paints | 2,602.90 | +4.67% |
| One 97 Paytm | 1,320.60 | +4.15% |
टॉप लॉसर्स
| कंपनी | कीमत (₹) | % बदलाव |
|---|---|---|
| Hindalco | 788.40 | -5.17% |
| ICICI Bank | 1,320.40 | -1.23% |
FII और DII गतिविधि
विदेशी निवेशकों ने कुल 3,263 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 5,283 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। DII की खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया और निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
सेक्टरल प्रदर्शन
बैंकिंग सेक्टर
ICICI Bank, Axis Bank और HDFC जैसी बैंकिंग कंपनियों के शेयर दबाव में रहे। निफ्टी बैंक इंडेक्स की गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक बाजार में बिकवाली और FII की गतिविधि रही।
IT सेक्टर
TCS, Infosys और HCL Tech ने हल्की बढ़त दिखाई। निफ्टी IT इंडेक्स में 0.18% की बढ़त रही। निवेशकों को IT सेक्टर से थोड़ी राहत मिली।
FMCG और हेल्थकेयर
Asian Paints, Dabur और Nestle India जैसे शेयरों ने मजबूती दिखाई। निवेशकों ने इन स्थिर सेक्टर्स में भरोसा दिखाया।
क्रिप्टोकरेंसी अपडेट
| क्रिप्टो | वर्तमान मूल्य (₹) | % बदलाव |
|---|---|---|
| 1INCH | 16.332 | +18.35% |
| Fetch.AI | 21.967 | +9.87% |
| Decentraland (MANA) | 19.40 | +8.98% |
आज का सारांश
निफ्टी और सेंसेक्स में हल्की गिरावट रही, IT और FMCG सेक्टर में निवेशकों को थोड़ा राहत मिली। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीद ने बाजार को संतुलित रखा।





