मुंबई: महाराष्ट्र में 27 से 29 सितंबर तक कई इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव के कारण राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और वर्षा बढ़ सकती है, अधिकारियों ने चेताया है।
महाराष्ट्र सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय (DGIPR) ने ट्वीट कर कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 5 अक्टूबर से पहले राज्य से नहीं हटने की संभावना है।
बारिश के क्षेत्र और प्रभाव
दक्षिण विदर्भ और मराठवाडा के कुछ हिस्सों में 26 सितंबर की दोपहर से मध्यम बारिश हो सकती है।
गडचिरोली, चंद्रपुर, यवतमाल और नांदेड जिलों में जोरदार बारिश की संभावना है।
विदर्भ और मराठवाडा के अन्य हिस्सों में हल्की बारिश और बादल छाए रह सकते हैं।
किसानों और कृषि पर असर
राज्य का कृषि विभाग किसानों को सलाह दे रहा है कि वे मौसम के अनुसार अपनी कृषि गतिविधियों की योजना बनाएं और कटाई की गई फसल को बारिश और तेज हवा से सुरक्षित रखें।
बाढ़ का खतरा
अधिकारी बता रहे हैं कि दक्षिण मराठवाडा, कोकण और पश्चिमी घाट के क्षेत्रों में बांधों का जल स्तर बढ़ सकता है। इससे नदियों और नालों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो सकता है।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और आवश्यक सावधानी बरतें।
अब तक का नुकसान
इस महीने 31 जिलों में लगातार बारिश हुई है।
लगभग 50 लाख हेक्टेयर खेत और फसलें नुकसान का सामना कर चुकी हैं।
राज्य सरकार ने राज्य आपदा राहत कोष से 2,215 करोड़ रुपये जारी किए हैं और केंद्र से अतिरिक्त सहायता की मांग की गई है।
भारी बारिश के कारण कई जिलों, खासकर मराठवाडा क्षेत्र में फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है और पिछले कुछ दिनों में कुछ लोगों की जान भी चली गई है।





