भारत लगातार स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े बदलावों की दिशा में काम कर रहा है। हाल ही में सरकार ने यह लक्ष्य रखा है कि वर्ष 2030 तक देश की ऊर्जा आवश्यकता का 50 प्रतिशत हिस्सा नवीकरणीय स्रोतों से पूरा किया जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती जनसंख्या और तेजी से हो रहे औद्योगिक विकास के कारण ऊर्जा की खपत में निरंतर वृद्धि हो रही है। ऐसे में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और जल विद्युत जैसे स्रोत भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
केंद्र सरकार ने कई राज्यों में बड़े सोलर पार्क और पवन ऊर्जा परियोजनाएं शुरू की हैं। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में भी छोटे स्तर पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जा रहे हैं, जिससे न केवल बिजली की आपूर्ति आसान हो रही है बल्कि प्रदूषण में भी कमी आ रही है।
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, अगर नवीकरणीय ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित किया जाए तो भारत न केवल कार्बन उत्सर्जन घटाने में सफल होगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक ग्रीन एनर्जी लीडर के रूप में उभर सकता है।





