हफ्ते का आखिरी दिन शेयर मार्केट के लिए बेहद भारी रहा। शुक्रवार को निवेशकों पर बिकवाली का दबाव इतना बढ़ा कि सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही धड़ाम से गिरे। वजह बनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ धमकी, जिसने आईटी और फार्मा शेयरों को सबसे ज्यादा चोट पहुंचाई।
सेंसेक्स-निफ्टी का हाल
मार्केट बंद होते-होते सेंसेक्स 666 अंक टूटकर 80,493 पर आ गया। निफ्टी भी 220 अंक गिरकर 24,671 के स्तर पर फिसल गया।
करीब 35% शेयरों में तेजी दिखी,
लेकिन 75% शेयर लुढ़क गए,
ट्रंप का बड़ा दांव – दवाइयों (pharma) पर 100% टैरिफ
ट्रंप ने साफ कर दिया है कि 1 अक्टूबर से अमेरिका ब्रांडेड और पेटेंटेड दवाओं पर 100% टैरिफ लगाएगा। उनका कहना है कि कंपनियां जब तक अमेरिका में फैक्ट्री नहीं लगातीं, उन्हें भारी टैक्स चुकाना होगा। सीधा असर बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों पर पड़ेगा, लेकिन भारत की जेनेरिक दवा कंपनियां फिलहाल ज्यादा खतरे से बाहर दिख रही हैं।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के देवर्ष वकील के मुताबिक
“भारतीय कंपनियां ज्यादातर जेनेरिक दवाएं बेचती हैं, इसलिए उन पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा। हां, सन फार्मा जैसी कंपनियां, जिनके ब्रांडेड प्रोडक्ट अमेरिका और यूरोप में बिकते हैं, थोड़ी मुश्किल झेल सकती हैं।”
आईटी शेयरों में भी गिरावट
आईटी कंपनियों का हाल भी ठीक नहीं रहा। निफ्टी आईटी इंडेक्स 2.45% से ज्यादा टूटा और लगातार छठे दिन घाटे में 33702 पर बंद हुआ। असली झटका एक्सेंचर की कमजोर गाइडेंस से आया। कंपनी ने चौथी तिमाही के नतीजे जारी करते हुए बताया कि अगले साल अमेरिकी सरकारी खर्च में कटौती की वजह से उसकी ग्रोथ पर असर पड़ेगा और रेवेन्यू में 1–1.5% तक की गिरावट हो सकती है।
सेक्टरवार नुकसान
फार्मा इंडेक्स: 2% टूटा
आईटी इंडेक्स: 2.45% गिरा
स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स: दोनों 2 -3% से ज्यादा गिरे
यानी कोई भी सेक्टर बिकवाली से बच नहीं पाया।
तकनीकी तस्वीर
निफ्टी पहली बार हफ्तों बाद 25,000 के नीचे बंद हुआ। लगातार पांच दिन से निफ्टी नीचे फिसल रहा है और चार्ट पर ‘लोअर हाई’ पैटर्न बन रहा है, जो कमजोरी का इशारा देता है।
SAMCO Securities के एनालिस्ट धुपेश धमेेजा ने कहा,
“अगर निफ्टी 25,000 के ऊपर नहीं टिकता तो बिकवाली और बढ़ सकती है। 24,800 के नीचे टूटने पर यह सीधे 24,620 तक भी जा सकता है। शॉर्ट टर्म में ट्रेंड कमजोर ही दिख रहा है।”





