कल रात न्यूयॉर्क के सिटी फील्ड में बैठा हर दर्शक ये मानकर आया था कि उन्हें एक कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। पहले हाफ़ में सब कुछ बराबरी का लग भी रहा था। लेकिन जैसे ही दूसरा हाफ़ शुरू हुआ, मेसी ने मानो खेल को अपनी जेब से निकालकर दिखा दिया। उनकी हर टच, हर पास और फिर लगातार दो गोल… ऐसा लग रहा था जैसे पूरा स्टेडियम उनकी धुन पर चल रहा हो।
न्यूयॉर्क की रात, मेसी और जादू की कहानी
एक पल ऐसा भी आया जिसने इस मैच को खास बना दिया। 83वें मिनट में पेनल्टी मिली थी। सबको लग रहा था कि मेसी हैट्रिक मारेंगे, लेकिन उन्होंने गेंद उठाई और सुआरेज़ की तरफ बढ़ा दी। उस वक़्त उनके चेहरे की मुस्कान और सुआरेज़ की खुशी देखकर लगा कि फुटबॉल सिर्फ गोल और जीत का खेल नहीं है, यह भरोसे और दोस्ती की कहानी भी है।
मैच ख़त्म होने के बाद कोच मास्केरानो की बातें सुनकर दिल को और सुकून मिला। उन्होंने कहा कि प्लेऑफ़ में पहुँचना पहला कदम था, लेकिन सफ़र यहीं ख़त्म नहीं होता। उनका सपना है सपोर्टर्स शील्ड फिर से जीतना और टीम को सबसे ऊपर ले जाना।
तालिका में इंटर मियामी तीसरे नंबर पर है और उनके पास दो मैच और बचे हैं। सामने अगला चैलेंज टोरंटो FC है। वक्त कम है, थकान भी होगी, लेकिन जोश इतना है कि लगता है यह टीम अब रुकने वाली नहीं। मेसी और सुआरेज़ की जोड़ी देखकर यही एहसास होता है कि यह कहानी अभी और लंबी चलेगी।
कल की रात सिर्फ फुटबॉल का मैच नहीं था, यह एक अहसास था। ऐसा लगा जैसे खेल ने हमें दोस्ती, टीमवर्क और जुनून का सबसे सुंदर सबक दिया हो।





