वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि डेंगू फैलाने वाले मच्छरों की प्रजातियां अब ब्रिटेन तक पहुँच गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से इन मच्छरों का दायरा और भी बढ़ सकता है, जिससे यूरोप में सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट खड़ा हो सकता है।
क्या है डेंगू?
डेंगू एक वायरल संक्रमण है जो एडीज़ प्रजाति (Aedes aegypti और Aedes albopictus) के संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलता है।
ये मच्छर दिन और रात दोनों समय काटते हैं।
प्रजनन के लिए ये पानी से भरे बर्तन, गमले, टब, या किसी भी कंटेनर का इस्तेमाल करते हैं।
डेंगू के लक्षण
संक्रमण के 4–10 दिनों के भीतर लक्षण सामने आ सकते हैं।
मुख्य लक्षणों में शामिल हैं:
तेज़ बुखार
तीव्र सिरदर्द और आंखों के पीछे दर्द
मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
मिचली या उल्टी
शरीर पर चकत्ते (rash)
ग्रंथियों में सूजन
👉 अधिकांश लोग एक हफ़्ते में ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ मामलों में गंभीर डेंगू (Severe Dengue) जानलेवा साबित हो सकता है और तत्काल चिकित्सा की आवश्यकता होती है।
बचाव के उपाय
डेंगू से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है— मच्छरों के काटने से बचना।
घर और आसपास पानी जमा न होने दें।
सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।
फुल बाजू के कपड़े पहनें।
शरीर पर मच्छर भगाने वाली क्रीम (repellent) लगाएँ।
खिड़कियों और दरवाज़ों पर जाली लगाएँ।
डेंगू अब सिर्फ़ उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि यूरोप जैसे ठंडे देशों में भी खतरा बन रहा है। ऐसे में व्यक्तिगत सतर्कता और साफ़-सफाई ही संक्रमण से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।





