भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने वर्ष 2025 में एक उन्नत मौसम उपग्रह को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित किया है। इस उपग्रह की मदद से मानसून, चक्रवात और जलवायु परिवर्तन से जुड़े डेटा को और अधिक सटीकता के साथ ट्रैक किया जा सकेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस नई तकनीक से किसानों को समय पर मौसम की जानकारी मिलेगी, जिससे फसल प्रबंधन आसान होगा। साथ ही आपदा प्रबंधन में भी यह उपग्रह महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इसरो के वैज्ञानिकों ने बताया कि यह सैटेलाइट नवीनतम सेंसर और हाई-रेज़ोल्यूशन कैमरों से लैस है। इसके ज़रिए भारत ही नहीं, बल्कि पड़ोसी देशों को भी मौसम संबंधी डाटा उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्य लाभ:
मानसून पूर्वानुमान और सटीक होगा।
प्राकृतिक आपदाओं की समय पर चेतावनी मिल सकेगी।
कृषि और पर्यावरण अनुसंधान को नया आधार मिलेगा।





