नवी मुंबई, 23 अक्टूबर 2025:
डॉ. डी.वाई. पाटिल स्पोर्ट्स अकादमी के मैदान पर भारत की महिला टीम ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए न्यूज़ीलैंड को 53 रनों से हराया। डकवर्थ-लुईस (DLS) नियम के तहत मिली इस जीत के साथ भारत ने आईसीसी महिला विश्व कप 2025 में एक बार फिर अपनी ताकत साबित कर दी।
भारत की दमदार शुरुआत – रावल और मंधाना की तूफानी जोड़ी
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया और ये फैसला सोने पर सुहागा साबित हुआ।
ओपनर स्मृति मंधाना और प्रतीका रावल ने शुरुआती गेंद से ही न्यूज़ीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। दोनों बल्लेबाजों ने शानदार टाइमिंग और बेहतरीन शॉट्स से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
स्मृति मंधाना ने 95 गेंदों पर 109 रन ठोके, जिसमें 10 चौके और 4 छक्के शामिल थे। वहीं, प्रतीका रावल ने 134 गेंदों पर 122 रनों की शानदार पारी खेली और अपनी क्लास का परिचय दिया। दोनों ने मिलकर 212 रनों की साझेदारी कर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
जब मंधाना आउट हुईं, तब तक भारत का स्कोर 33वें ओवर में 212 रन था। इसके बाद जेमिमा रॉड्रिग्स ने आते ही तूफानी अंदाज अपनाया। उन्होंने सिर्फ 55 गेंदों में 76 रन बनाए, जिसमें 11 चौके शामिल थे।
कप्तान हरमनप्रीत कौर 10 रन बनाकर आउट हुईं, लेकिन तब तक भारत 300 का आंकड़ा पार करने की राह पर था। आखिरी ओवरों में ऋचा घोष ने सिर्फ 1 गेंद पर चौका जड़कर स्कोर को 340/3 तक पहुंचाया।
न्यूज़ीलैंड की गेंदबाजी रही फीकी
न्यूज़ीलैंड की गेंदबाजी इस मैच में असरदार नहीं दिखी।
अमेलिया केर, सुझी बेट्स, और रोजमेरी मेयर को एक-एक सफलता मिली। बाकी गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों पर अंकुश नहीं लगा सके। खासकर डेथ ओवरों में न्यूज़ीलैंड की बॉलिंग बिखर गई, जिससे भारत ने रन गति को 6.94 तक पहुंचा दिया।
न्यूज़ीलैंड की शुरुआत रही खराब
340 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूज़ीलैंड की टीम की शुरुआत बेहद खराब रही।
पहले ही ओवर में सुझी बेट्स सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गईं। इसके बाद जॉर्जिया प्लिमर और अमेलिया केर ने कुछ समय तक पारी को संभाला, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा।
रेणुका सिंह ठाकुर ने शानदार गेंदबाजी करते हुए शुरुआती दो विकेट झटके और कीवी टीम को पीछे धकेल दिया।
अमेलिया केर (45) और ब्रूक हॉलिडे (81) ने बीच में संघर्ष जरूर किया, लेकिन लक्ष्य बहुत बड़ा था।
इज़ाबेला गेज का संघर्ष बेकार गया
न्यूज़ीलैंड के लिए विकेटकीपर इज़ाबेला गेज ने सबसे अधिक 65 रन बनाए और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
उन्होंने हॉलिडे के साथ 72 रनों की साझेदारी की, लेकिन रन रेट लगातार बढ़ता गया।
44वें ओवर तक न्यूज़ीलैंड ने 271/8 रन बनाए, और DLS नियम के तहत भारत को विजेता घोषित किया गया।
भारतीय गेंदबाजों का कमाल
भारत की गेंदबाजी संतुलित रही।
रेणुका सिंह ठाकुर ने 6 ओवर में 25 रन देकर 2 विकेट लिए।
क्रांती गौड़ ने भी 9 ओवर में 48 रन देकर 2 विकेट झटके और मैच का रुख भारत की ओर मोड़ा।
इसके अलावा स्नेह राणा, श्री चरनी, दीप्ति शर्मा, और खुद प्रतीका रावल ने 1-1 विकेट लेकर न्यूज़ीलैंड को बड़ा झटका दिया।
मैच के निर्णायक पल
स्मृति मंधाना और प्रतीका रावल की 212 रनों की साझेदारी ने भारत की जीत की नींव रखी।
जेमिमा रॉड्रिग्स की तेज़तर्रार बल्लेबाजी ने अंतिम ओवरों में स्कोर को असंभव लक्ष्य बना दिया।
रेणुका सिंह की शुरुआती दो विकेटों ने न्यूज़ीलैंड को झटका दिया और कीवी टीम संभल नहीं सकी।
भारतीय फील्डिंग और रणनीति पूरे मैच में बेहतरीन रही, जिससे विरोधी टीम दबाव में रही।
कप्तानों की प्रतिक्रिया
हरमनप्रीत कौर ने मैच के बाद कहा
“हमारी टीम का इरादा शुरू से ही साफ था। मंधाना और प्रतीका ने जिस तरह बल्लेबाजी की, उसने बाकी खिलाड़ियों को आत्मविश्वास दिया। गेंदबाजों ने भी शानदार अनुशासन दिखाया।”
वहीं न्यूज़ीलैंड की कप्तान सोफी डिवाइन ने कहा —
“हमने कुछ कैच छोड़े और मिड ओवरों में रन रोकने में असफल रहे। भारत ने हर मौके का फायदा उठाया।”
यह मुकाबला भारतीय महिला क्रिकेट की ताकत का प्रतीक रहा।
भारत की बल्लेबाजों ने जिस आत्मविश्वास के साथ रन बनाए और गेंदबाजों ने जिस अनुशासन से खेल खत्म किया, उसने टीम की गहराई को दिखाया।





